आखिर जेएनयू में विवाद की वजह क्या थी? ABVP अध्यक्ष ने लेफ्ट पर लगाए गंभीर आरोप
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने रविवार को जेएनयू परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए मांग की है कि रामनवमी के अवसर पर मेस में नॉनवेज (non-vegetarian) नहीं बनाया जाना चाहिए। ABVP ने भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) और लेफ्टविंग समर्थित छात्रों पर रामनवमी पर पूजा करने से रोकने का भी आरोप लगाया। एबीवीपी जेएनयू अध्यक्ष रोहित कुमार ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के कारण पूजा देरी से शुरू हुई हैं।
एबीवीपी जेएनयू अध्यक्ष ने कहा, "रामनवमी पूजा के पोस्टर तीन दिन पहले लगाए गए थे। तब से वामपंथी और NSUI के कुछ छात्र पूजा को बाधित करने की धमकी दे रहे थे। आज दोपहर 3 बजे जब पूजा होने वाली थी, कुछ छात्र कावेरी गेट पर पहुंचे और विरोध करना शुरू कर दिया। जिसके कारण पूजा शाम 5 बजे तक के लिए टाल दी गई। अगर पूजा के समर्थन में रहने वालों को मुस्लिम छात्रों के मेस में इफ्तार करने से कोई समस्या नहीं है तो वामपंथी और एनएसयूआई हंगामा क्यों कर रहे हैं। साथ ही कहा ये लोग JNU को राजनीति का अड्डा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।"
इस बीच विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि छात्र जेएनयू परिसर में जो चाहें खा सकते हैं। प्रचार कर सकते हैं और पहन सकते हैं। विश्वविद्यालय ने कहा कि भोजन/कपड़े या धार्मिक प्रथाओं पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
जेएनयू के रेक्टर अजय दुबे ने कहा कि किसी भी तरह के भ्रम या मुद्दे से बचने के लिए तत्काल नोटिस जारी किया गया है। इस सप्ताह की शुरुआत में, जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने जेएनयू स्वास्थ्य देखभाल में एक विशेषज्ञ की अनुपलब्धता पर विरोध प्रदर्शन किया और मांग की कि ढाबे देर रात तक खुले रहें।
जेएनयूएसयू पार्षद ने कहा, "विश्वविद्यालय को ऑफ़लाइन कक्षाएं फिर से शुरू हुए कई हफ्ते हो चुके हैं और प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए छात्रावास के कमरे अभी तक आवंटित नहीं किए गए हैं। इसके अलावा, जो ढाबे 2:30 बजे तक खुले रहते थे, अब रात 11 बजे बंद हो जाते हैं।" साथ ही कहा ‘’जेएनयू स्वास्थ्य केंद्र में कोई विशेषज्ञ नहीं है। हमने विश्वविद्यालय से विशेषज्ञ सेवा बहाल करने की मांग की है।"
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क्या है पूरा मामला?
जेएनयू में छात्रों के दो गुटों के बीच खाने को लेकर विवाद हो गया। इस विवाद में एबीवीपी और लेफ्ट के छात्र एक दूसरे के आमने सामने आ गए और दोनों के बीच मारपीट भी हुई। एबीवीपी संगठन के छात्रों का कहना है कि लेफ्ट के छात्रों को रामनवमी का प्रोग्राम देखा नहीं गया और रामनवमी और इफ्तार पार्टी का समन्वय बिगाड़ने के लिए वामपंथियों ने हमला किया। वहीं दूसरी ओर लेफ्ट छात्रों का कहना है कि एबीवीपी की डिमांड थी कि मेस में सिर्फ वेज खाना बने और इसीलिए पत्थर चलाया गया जिससे मेस का शीशा टूट गया, छात्र घायल हो गए।




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