अखाड़ा के लेखक संजय सैनी का कहना है कि दिमाग में विज्ञान और दिल में कला रखता हूं।
प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती है। प्रतिभा हो तो इंसान ऊंची मंजिले भी छू सकता है। ऐसा जींद जिले के बिरौली गांव निवासी संजय सैनी ने कर दिखाया है। संजय सैनी ने पॉलीवुड (पंजाबी सिनेमा) से होते हुए बॉलीवुड तक का सफर तय किया है। सबसे पहले उन्होंने पॉलीवड की तो पंजाब की सुपरहिट फिल्म रॉकी मेंटल सुपरस्टार परमिश वर्मा की फिल्म लिखकर रंगमंच की दुनिया में अलग पहचान बनाई।
संजय सैनी ने गांव के ही सरकारी स्कूल में आठवीं कक्षा तक अपनी पढ़ाई की तो वहीं उसके बाद उन्होंने अपने जिले जींद के एक सरकारी स्कूल से ही 10वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी कर वो अपनी आगे की शिक्षा के लिए चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज में चले गए, जहां से उन्होंने विज्ञान संकाय से स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। यहीं से उन्होंने हिंदी फिल्मों के मशहूर निर्देशक इम्तियाज अली से प्रेरित होकर रंगमंच की दुनिया में लेखन और निर्देशन की राह चुनी।
इसके बाद उन्होंने पंजाबी एक्टर और गायक परमिश वर्मा की फिल्म रॉकी मेंटल की कहानी लिखकर रातों रात अपनी एक अलग पहचान बना ली।। हिंदी फिल्मों की और रुख करते हुए अब वे हरियाणा के पहलवानों की जिंदगी और परिवार पर अखाड़ा नाम से वेब सिरीज़ लेकर आ रहे हैं। संजय सैनी का कहना है कि किसी भी क्षेत्र में ईमानदारी से की गई मेहनत बेकार नहीं जाती।




Leave Comments
एक टिप्पणी भेजें