अखिलेश यादव ने लोकसभा की सदस्यता से दिया इस्तीफा, करहल से विधायक रहेंगे पूर्व मुख्यमंत्री
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में करहल विधानसभा सीट से जीत हासिल करने के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोकसभा सांसद का पद छोड़ दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया। माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में वही विपक्ष के नेता बनेंगे।
अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके कक्ष में मुलाकात कर निचले सदन की सदस्यता से इस्तीफे का पत्र सौंपा। वह आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र से सपा के लोकसभा सांसद थे। इस दौरान सपा अध्यक्ष के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य रामगोपाल यादव भी मौजूद थे।
अब तक अटकलें लग रही थीं कि यूपी के मुख्यमंत्री की कुर्सी से योगी आदित्यनाथ को उतारकर खुद बैठने में असफल रहे सपा प्रमुख विधायकी का पद छोड़ देंगे और सांसद ही बने रहेंगे। हालांकि, आज उन्होंने अपना इस्तीफा सौंपकर इन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श के बाद अखिलेश ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला लिया है। सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा कि अखिलेश यादव को लगा कि यूपी की जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका विधानसभा में रहना जरूरी है, इसीलिए उन्होंने यह फैसला लिया है।
बता दें कि अखिलेश उत्तर प्रदेश में बीजेपी के लिए प्रमुख चुनौती रहे हैं। उनकी पार्टी ने 403 विधानसभा सीटों में से 111 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी अपने सहयोगियों के साथ 273 सीटें जीतने में सफल रही। हालांकि, महत्वपूर्ण राज्य के नतीजे आने के एक दिन बाद उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के प्रदर्शन से पता चला है कि बीजेपी की सीटें कम हो सकती हैं।
2017 में बीजेपी और उसके सहयोगियों ने 325 सीटें जीती थीं। योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए एक भव्य समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए तैयार हैं। 37 साल में यह पहली बार है जब राज्य में कोई मुख्यमंत्री लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए वापसी की है।




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