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आरजेडी के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की कोरोना से मौत

आरजेडी के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की कोरोना से मौत
आरजेडी के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की कोरोना से मौत

देशभर में लोग कोरोना महामारी से डर के साए में जी रहे हैं। वहीं खबर मिल रही है कि दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद आरजेडी ( राष्ट्रीय जनता दल ) के पूर्व सांसद और बाहुबली शहाबुद्दीन की कोरोना से मौत हो गई हैं। बता दें कि शहाबुद्दीन दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती थे। शहाबुद्दीन की मौत की खबर आज सुबह ही आ गई थी, मगर काफी समय तक तिहाड़ जेल प्रशासन से लेकर अस्पताल प्रशासन ने इसकी पुष्टि ने नहीं की। हालांकि, बाद में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गौरतलब है कि तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे शहाबुद्दीन को कोरोना संक्रमण के बाद दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां कल से उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी।

न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, महानिदेशक (कारा) संदीप गोयल ने बताया, 'दिल्ली जेल के कैदी मोहम्मद शहाबुद्दीन की मृत्यु के बारे में डीडीयू अस्पताल से सूचना मिली हैं। वह कोविड-19 से पीड़ित थे और उन्हें 20 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।' कारा अधिकारियों ने बताया कि उन्हें दो-तीन दिन पहले अस्पताल के सघन निगरानी कक्ष (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था। 

दिल्ली हाईकोर्ट ने कोरोना से संक्रमित होने के बाद शहाबुद्दीन को चिकित्सीय निगरानी और समुचित इलाज मुहैया कराने के लिए दिल्ली सरकार और तिहाड़ जेल प्रशासन को निर्देश दिया था। शहाबुद्दीन की मौत की खबर सबसे पहले उनके करीबियों ने ही दी थी, जिसे काफी समय तक अफवाह बताया गया। 

इससे पहले पिछले साल सितंबर में पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के पिता शेख मोहमद हसीबुल्लाह (90 वर्ष) का निधन हो गया था। उस वक्त तिहाड़ से शहाबुद्दीन को पैरोल पर लाने की मंजूरी नहीं मिली थी। हत्या के मामले में तिहाड़ जेल में आजावीन कारावास की सजा काट रहे पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के खिलाफ तीन दर्जन से अधिक आपराधिक मामले चल रहे हैं। 15 फरवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बिहार की सीवान जेल से तिहाड़ लाने का आदेश दिया था। 

तिहाड़ जेल में शहाबुद्दीन को अलग बैरक में रखा गया था। उस बैरक में शहाबुद्दीन के अलावा कोई दूसरा कैदी नहीं हैं। तिहाड़ में तीन ऐसे कैदी (शहाबुद्दीन, छोटा राजन और नीरज बवाना) हैं, जिनको अलग-अलग बैरकों में अकेला रखा गया हैं। इनका किसी से भी मिलना-जुलना नहीं होता हैं। पिछले 20-25 दिनों से इनके परिजनों को भी इन कैदियों से मिलने नहीं दिया जा रहा हैं। इन सबके बावजूद शहाबुद्दीन कैसे कोरोना संक्रमित हो गया, ये चिंता करने की बात हैं।

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