नारदा स्कैम: फिरहाद हाकिम समेत टीएमसी के दो विधायकों को सीबीआई ने हिरासत में लिया
पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के दो मंत्रियों समेत 4 नेताओं के घर सीबीआई ने नारदा स्कैम के मामले में छापेमारी की है और उन्हें अपने दफ्तर लेकर आई है। इन नेताओं में सीनियर मंत्री फिरहाद हाकिम के अलावा सुब्रत मुखर्जी भी शामिल हैं। इसके अलावा विधायक मदन मित्रा को भी सीबीआई पूछताछ के लिए अपने दफ्तर लाई हैं। पूर्व मेयर सोवन चटर्जी भी इन लोगों में शामिल हैं। मंत्री फिरहाद हाकिम ने दावा किया है कि सीबीआई ने उन्हें नारदा घोटाले के केस में हिरासत में ले लिया हैं।
हालांकि एजेंसी ने उनके दावे को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया है बल्कि पूछताछ की गई हैं। बता दें कि 9 मई को राज्यपाल जगदीप घनखड़ ने टीएमसी के इन चारों नेताओं के खिलाफ सीबीआई केस चलाने की इजाजत दे दी थी। वहीं फिरहाद हाकिम ने अपना बचाव करते हुए कहा था कि भरोसा है कि उन्हें क्लीन चिट मिलेगी।
नारदा घोटाला क्या है?
नारदा घोटाले का मामला 2016 में सामने आया था, जब पत्रकार मैथ्यू सैमुएल ने कोलकाता में एक स्टिंग ऑपरेशन किया था। उस स्टिंग ऑपरेशन के बाद ही नारदा स्कैम उजागर हुआ था। इस वीडियो में टीएमसी के कई मंत्री रुपए लेते हुए दिखे थे।
इसके अलावा एक पुलिस अफसर में घूस की रकम लेते हुए दिखा था। सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक गवर्नर जगदीप धनखड़ से ममता सरकार के 4 मंत्रियों के खिलाफ एंटी करप्शन ऐक्ट की धारा सेक्शन के तहत चार्जशीट दायर करने की मांग की गई थी। अंत में जगदीप धनखड़ की ओर से इसकी अनुमति दे दी गई हैं।
2017 में सीबीआई को सौंपी गई जांच
स्टिंग्स सामने आने के बाद राज्य में खूब बवाल मचा और मामला हाई कोर्ट पहुंचा। जिसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। इस स्टिंग में ही फिरहाद हाशमी सुब्रत मुखर्जी, तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा और पूर्व मेयर सोवन चटर्जी का नाम सामने आया था।




Leave Comments
एक टिप्पणी भेजें