Crime
यूपी के मऊ से बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को बुधवार को मोहाली की कोर्ट में पेश किया गया। इस बीच, मोहाली में दर्ज मामले में पेश की गई चार्जशीट की कापियां अंसारी को दी गई। मामले में अगली सुनवाई 12 अप्रैल को होगी। बाहुबली विधायक को व्हीलचेयर में अदालत में लाया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया। बड़ी बात यह है कि अंसारी को मीडिया से बचाने के लिए पिछले गेट से यहां लाया गया था।
मोहाली कोर्ट में पेशी के लिए व्हीलचेयर पर पहुंचा मुख्तार अंसारी
बुधवार, 31 मार्च 2021
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यूपी के मऊ से बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को बुधवार को मोहाली की कोर्ट में पेश किया गया। इस बीच, मोहाली में दर्ज मामले में पेश की गई चार्जशीट की कापियां अंसारी को दी गई। मामले में अगली सुनवाई 12 अप्रैल को होगी। बाहुबली विधायक को व्हीलचेयर में अदालत में लाया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया। बड़ी बात यह है कि अंसारी को मीडिया से बचाने के लिए पिछले गेट से यहां लाया गया था।
अंसारी ने अदालत को बताया कि वह अच्छे स्वास्थ्य में नहीं हैं। कोर्ट की सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें रोपड़ जेल भेज दिया। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मुख्तार अंसारी के मामले में 26 मार्च को फैसला सुनाया था और उनकी हिरासत को रद्द करने के लिए याचिका दायर की थी। कोर्ट ने कहा था कि अंसारी को दो सप्ताह के भीतर यूपी की जेल में शिफ्ट करना होगा। वहीं पंजाब सरकार कोर्ट की दलीलों से संतुष्ट नहीं थी।
इससे पहले, पंजाब सरकार ने विधायक और माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को यूपी सरकार को सौंपने से इनकार कर दिया था। यूपी सरकार को 14 आपराधिक मामलों के लिए अंसारी की हिरासत की जरूरत है। जनवरी 2019 के बाद से, अंसारी को पंजाब की जेल में रखा गया हैं, जहां उसे जबरन वसूली के एक मामले में रखा गया था। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि अंसारी की अनुपस्थिति के कारण यूपी में मामलों की सुनवाई नहीं हो रही हैं। यूपी सरकार के अनुरोध पर, पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया था, जिसमें अंसारी को यूपी सरकार की हिरासत में भेजने से इनकार कर दिया था। पंजाब सरकार ने अंसारी के बीमार होने का कारण बताया था। जेल अधीक्षक द्वारा दायर हल्फामा ने कहा कि अंसारी उच्च रक्तचाप, मधुमेह, अवसाद, पीठ दर्द और त्वचा की एलर्जी से पीड़ित थे।
यूपी सरकार की रिट याचिका को खारिज करने की मांग करते हुए पंजाब सरकार ने कहा था कि वह डॉक्टरों की राय के अनुसार काम कर रही थी। दूसरी ओर, यूपी सरकार की याचिका में कहा गया था कि राज्य में अंसारी के खिलाफ गंभीर मामले लंबित थे, लेकिन इसके बावजूद अंसारी को मामूली अपराध के लिए पंजाब की जेल में दो साल से बंद रखा गया हैं। राज्य सरकार ने कहा कि कोर्ट ने कई बार अंसारी को प्रोडक्शन वारंट जारी किया था, लेकिन जेल प्रशासन स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अंसारी को यूपी भेजने में देरी कर रहा था।
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