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लालू यादव को झारखंड हाई कोर्ट से दुमका कोषागार मामले में जमानत मिली

लालू यादव को झारखंड हाई कोर्ट से दुमका कोषागार मामले में जमानत मिली
लालू यादव को झारखंड हाई कोर्ट से दुमका कोषागार मामले में जमानत मिली

झारखंड हाईकोर्ट से शनिवार को आरजेडी चीफ और बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव को बड़ी राहत मिली हैं। झारखंड हाईकोर्ट  ने लालू यादव को दुमका कोषागार मामले में जमानत दी हैं। जस्टिस अपरेश सिंह की अदालत में सुनवाई के बाद लालू को जमानत मिली हैं। 

जानकारी के मुताबिक लालू के वकील ने सजा की आधी अवधि पूरी करने को आधार बनाते हुए जमानत याचिका दायर की थी। जिसे कोर्ट ने मंजूर करते हुए कोर्ट ने 1-1 लाख का बेल बांड और 5-5 लाख निजी मुचलकों पर आरजेडी प्रमुख को रिहा करने का आदेश दिया हैं। 

क्या है दुमका कोषागार मामला 

1995 से 1996 के बीच में दुमका कोषागार से लगभग 3.13 करोड़ की अवैध निकासी के मामाले में 48 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी जिसमें लालू प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्र मुख्य आरोपी थे। इसके चलते बिहार के पूर्व सीएम व आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव 23 दिसंबर 2017 से चारा घोटाला मामले में जेल में बंद हैं। 

रांची सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले से जुड़े दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में 2 अलग-अलग धाराओं में लालू को 7-7 साल की सजा सुनाई थी। सीबीआई ने दुमका कोषागार से हुई निकासी के मामले में भी प्राथमिकी दर्ज की थी। इससे पहले दुमका जिला प्रशासन ने भी इस मामले में एफआइआर दर्ज कराई थी।

वर्ष 2000 में 48 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट दायर की थी और 2005 में मामले में चार्जफ्रेम किया गया

पहले ही 3 मामलों में मिल चुकी हैं जमानत

जानकारी के अनुसार चारा घोटाले के 5 मामले लालू प्रसाद के खिलाफ चल रहे हैं। इसमें से 4 मामलों में उन्हें सजा मिली हैं। जबकि 3 मामलों में लालू प्रसाद को पहले ही जमानत मिल गई हैं। एक मामले में अभी सीबीआई कोर्ट में सुनवाई जारी हैं। लालू प्रसाद यादव की ओर से याचिका में कहा गया था कि जेल में वो 42 महीने 28 दिनों की हिरासत की अवधि पूरी कर ली हैं। ऐसे में उन्हें जमानत दी जाए। 

वहीं पिता लालू यादव को जमानत मिलने के बाद तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब तक बाबूजी पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हो जाते और डॉक्टरों की राय नहीं होती तब तक उनका इलाज दिल्ली एम्स में ही चलेगा।उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले पर हमें खुशी हैं। न्यायालय पर हमें पहले से ही पूरा विश्वास था। तेजस्वी यादव कार्यकर्ता को कहा कि वे खुशी में कोविड-19 का उल्लंघन ना करें। उन्होंने यह भी कहा कि अनावश्यक मिठाई बांटना इस समय ठीक नहीं हैं। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को यह भी कहा कि किसी भी विपक्ष के नेता के खिलाफ कोई आपत्तिजनक बयान ना दे।

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