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सेना प्रमुख ने पीएम से की मुलाकात, कोरोना संकट पर तैयारियों को लेकर दी जानकारी

सेना प्रमुख ने पीएम से की मुलाकात, कोरोना संकट पर तैयारियों को लेकर दी जानकारी

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे ने आज पीएम मोदी से मुलाकात की हैं। उन्होंने कोविड प्रबंधन में मदद के लिए सेना द्वारा की जा रही विभिन्न पहलों पर चर्चा की। सेना प्रमुख ने पीएम को बताया कि विभिन्न राज्य सरकारों को सेना के चिकित्साकर्मी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में सेना की ओर से अस्थायी अस्पतालों का भी निर्माण किया जा रहा है। यह जानकारी पीएम कार्यालय की ओर से दी गई हैं। बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी वायुसेना प्रमुख और सीडीएस बिपिन रावत के साथ मीटिंग कर चुके हैं।

जनरल नरवणे ने पीएम मोदी को बताया कि सेना जहां संभव हो रहा है वहां अपने अस्पतालों को आम लोगों के लिए खोल रही है, आम नागरिक नजदीकी सैन्य अस्पताल जा सकते हैं। सेना कोविड के मामलों से निपटने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में अस्थायी अस्पताल बना रही हैं। सेना प्रमुख ने पीएम को इस बात से भी अवगत कराया कि आयात किए गए ऑक्सीजन टैंकरों और गाड़ियों के प्रबंधन में जहां विशेषज्ञ कौशल की जरूरत पड़ रही हैं। वहां सेना की ओर से मदद पहुंचाई जा रही हैं।

वायुसेना प्रमुख ने पीएम मोदी से मुलाकात की

एक दिन पहले पीएम मोदी ने कोविड से जारी देश की लड़ाई में भारतीय वायु सेना द्वारा चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा की थी। इस दौरान ऑक्सीजन टैंकरों और अन्य आवश्यक उपकरणों के परिवहन में सुरक्षा का ध्यान रखते हुए तेजी लाने पर बल दिया गया। वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने पीएम से मुलाकात की और देश में कोविड-19 की स्थिति में सुधार के लिए वायु सेना द्वारा किए जा रहे प्रयासों से उन्हें अवगत कराया।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, "कोरोना से मुकाबले के लिए भारतीय वायु सेना द्वारा किए जा रहे प्रयासों का जायजा लिया। वायु सेना, जो देशभर में कई नागरिकों की मदद कर रहा है, कोविड से राहत कार्यों के विभिन्न पहलुओं पर ध्यान केद्रित कर रहा है।"

बयान के मुताबिक, "एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने बताया कि वायुसेना सभी क्षेत्रों को कवर करने के लिए बड़े के साथ-साथ मध्यम आकार के विमानों की तैनाती कर रहा हैं। पीएम ने ऑक्सीजन टैंकरों और अन्य आवश्यक वस्तुओं के परिवहन संचालन की गति तेज करने, उसका स्तर बढ़ाने और उसकी सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।"
बता दें कि इस वक्त देश में लगातार तीन लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए जा रहे हैं। बढ़ रहे कोरोना के मामलों के चलते ऑक्सजीन संकट पैदा गया है। ऐसे में अन्य देशों ने भी भारत की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। 
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