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आपको बता दे कि पटना साहिब लोकसभा सीट शुरू से कांग्रेस, सीपीआई और बीजेपी का गढ़ रहा हैैं। सारंगधर सिन्हा यहां के पहले सांसद थे।रामदुलारी सिन्हा ने 1962 में कांग्रेस की ओर से यहां का प्रतिनिधित्व किया था। वहीं सीपीआई की टिकट पर राम अवतार शास्त्री यहां से तीन बार सांसद चुने गए। 1977 में इंदिरा विरोधी लहर में लोकदल के महामाया प्रसाद सिन्हा लोकसभा में पहुंचे।
सीपी ठाकुर एक बार कांग्रेस और दो बार बीजेपी से लोकसभा पहुंच चुके हैं। 1989 में बीजेपी से शैलेंद्र नाथ श्रीवास्तव भी यहां से चुनाव जीत चुके हैं।रामकृपाल यादव भी यहां से तीन बार आरजेडी के टिकट पर सांसद चुने जा चुके हैं। 2009 में परिसीमन के बाद पटना जिला की दो सीटें बनी। इसमें एक पाटिलपुत्र और दूसरी पटना साहिब सीट। पटना साहिब सीट से शत्रुघ्न सिन्हा लगातार दो बार चुनावी जंग फतह कर चुके हैं, लेकिन इस बार लड़ाई बदल गई है और शत्रुघ्न सिन्हा और रविशंकर के बीच टक्कर होगी।
पटना साहिब सीट का यह है इतिहास, शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस में होंगे शामिल
शुक्रवार, 29 मार्च 2019
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| पटना साहिब सीट का यह है इतिहास, शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस में होंगे शामिल |
लोकसभा चुनाव में सियासी अखाड़े में तब्दील बिहार में इस समय खलबली मची हुई हैं। दरअसल मामला यह ही एनडीए गठबधंन के सीटों के बटवारे के बाद बीजेपी ने पटना साहिब से रवि शंकर प्रसाद को टिकट दे दिया था।जिसके बाद से मौजुदा सांसद बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा नाराज चल रहे थे। जिसके बाद अटकलें लगाई जा रही थी कि शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। महागठबंधऩ के सीटों के बटवारे के बाद पटना साहिब कि सीट कांग्रेस के पाले में जाने के बाद इस अनुमान पर मोहर लगता दिखाई दे रहा हैं।
आपको बता दे कि पटना साहिब लोकसभा सीट शुरू से कांग्रेस, सीपीआई और बीजेपी का गढ़ रहा हैैं। सारंगधर सिन्हा यहां के पहले सांसद थे।रामदुलारी सिन्हा ने 1962 में कांग्रेस की ओर से यहां का प्रतिनिधित्व किया था। वहीं सीपीआई की टिकट पर राम अवतार शास्त्री यहां से तीन बार सांसद चुने गए। 1977 में इंदिरा विरोधी लहर में लोकदल के महामाया प्रसाद सिन्हा लोकसभा में पहुंचे।
सीपी ठाकुर एक बार कांग्रेस और दो बार बीजेपी से लोकसभा पहुंच चुके हैं। 1989 में बीजेपी से शैलेंद्र नाथ श्रीवास्तव भी यहां से चुनाव जीत चुके हैं।रामकृपाल यादव भी यहां से तीन बार आरजेडी के टिकट पर सांसद चुने जा चुके हैं। 2009 में परिसीमन के बाद पटना जिला की दो सीटें बनी। इसमें एक पाटिलपुत्र और दूसरी पटना साहिब सीट। पटना साहिब सीट से शत्रुघ्न सिन्हा लगातार दो बार चुनावी जंग फतह कर चुके हैं, लेकिन इस बार लड़ाई बदल गई है और शत्रुघ्न सिन्हा और रविशंकर के बीच टक्कर होगी।
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